Newspaper Essay in Hindi – आज के समय में किसी भी स्थान में अगर किसी प्रकार का घटना घटित होता है तो उसकी जानकारी हमें अगले दिन हुई अखबार के माध्यम से मिल जाती है, हमारे जीवन में समाचार पत्र की आवश्यकता इतनी है कि इसके बिना कोई भी व्यक्ति अपने जीवन की कल्पना तक नहीं कर सकता।

सुबह होते ही व्यक्ति किसी चीज की तलाश करता है तो वह अखबार है, अखबार के माध्यम से पूरे संसार में घटित हुई घटनाओं के बारे में जानकारी मिलती है, सामाजिक मुद्दे, व्यापार, राजनीति, बेरोजगारी, खेल, अंतर्राष्ट्रीय समाचार, विज्ञान तथा अभिनेताओं के जीवन के बारे में सभी तरह की जानकारी अखबार से मिलती है।

इस पूरी दुनिया में कहीं भी कुछ भी घटित होता है तो लोगों को उसके बारे में ज्ञात कराने के लिए अखबार की मदद ली जाती है, अपनी बातों को पूरी दुनिया तक पहुंचाने के लिए अखबार एक सरल और सस्ता साधन है।

हर तरह की भाषाओं में उपलब्ध होती है ताकि हर व्यक्ति अपने बोली के अनुसार खबरों को पढ़ सके उनके बारे में जान सकें। हर रोज अखबार छपती है और लोगों को मुहैया कराई जाती है, ऐसे में विज्ञापन के माध्यम से अखबार कंपनी ढेर सारी पैसे कमाते हैं।

सटीक और अच्छी जानकारी के लिए व्यक्ति अखबार को पढ़ना पसंद करते हैं, अखबार पढ़ने से आसपास के बारे में जानकारी तो मिलती है मगर साथ में व्यक्ति को कई सारे लाभ भी मिलते हैं, पढ़ने की कोशिश तथा भाषा में उन्नति अखबार के माध्यम से देखा जाता है, सोचने समझने की शक्ति बढ़ जाती है सही फैसले सही वक्त पर लेने में मदद मिलती हैं, इसीलिए प्रत्येक व्यक्ति को अखबार प्रतिदिन पढ़ना चाहिए।

Newspaper Essay in Hindi

समाचार पत्र का इतिहास

भारत में अंग्रेजों के आने से पहले अखबारों की प्रथा नहीं थी, अंग्रेजों ने ही अपने आसपास की जानकारी सभी तक पहुंचाने के लिए अखबारों का विकास किया, 1780 में, कोलकाता में भारत का सबसे पहला समाचार पत्र प्रकाशित किया गया। इस समाचार पत्र का नाम था “दी बंगाल गैजेट” इस समाचार पत्र के संपादक जेम्स हिक्की थे।

इसके बाद धीरे-धीरे भारत में समाचार पत्र की प्रथा प्रचलित होने लगी, लोगों के सुविधा अनुसार समाचार पत्र को विभिन्न विभिन्न भाषाओं में प्रकाशित किया जाने लगा। उन दिनों अखबार का इस्तेमाल शाही खबरों को तथा जानकारी देने के लिए की जाती थी।

Newspaper Essay in Hindi – समाचार पत्र क्या है?

समाचार पत्र जानकारी का समूह होता है, जिसमें विभिन्न प्रकार की जानकारियां मौजूद होती है। आसपास के गठित सभी घटनाओं का सार समाचार पत्र में मिलता है। इसमें समाज में घटित घटनाएं, उत्सव के बारे में, शिक्षा के बारे में, राजनीति के बारे में, सामाजिक मुद्दों के बारे में, विज्ञान के क्षेत्र में, लोगों की जिंदगी के बारे में, विज्ञापन के बारे में, आदि की जानकारी होती है।

समाचार पत्र का उपयोग

भारत में जब समाचार पत्र का विकास शुरू हुआ तब इसका इस्तेमाल केवल अखबारों का विवरण प्रकाशित करने के लिए होता था, हालांकि बाद में इस मैं विभिन्न विषयों पर जानकारी देना शुरू हो गया, समाचार पत्र की कीमत उसकी प्रसिद्धि और क्षेत्र के अनुसार होता था। आसपास की घटित घटनाओं को समाचार पत्र के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाता था। कभी-कभी समाचार पत्र कुछ हफ्ते या हफ्ते में दो बार के समय अंतराल में प्रकाशित होती थी।

मगर जैसे जैसे लोगों की आवश्यकता है बढ़ती गई और लोगों को समाचार पत्र की आदत हो गई तो इसे नियमित रूप से छापना शुरू कर दिया गया। आज का समय समाचार पत्र के माध्यम से विभिन्न प्रकार की खबरों को लोगों तक पहुंचाया जाता है। राजनैतिक क्षेत्र में हुई घटनाओं के बारे में या सामाजिक किसी मुद्दे पर हुई चर्चा अखबारों के माध्यम से सभी लोगों को बताया जाता है। प्रसिद्ध लोगों की जिंदगी के बारे में, विज्ञान के क्षेत्र में हुई तरक्की के बारे में, विज्ञापन के बारे में, यह सभी अखबारों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जाती है।

समाचार पत्र का महत्व

समाचार पत्र लोगों को आसपास के घटित घटनाओं के बारे में जानकारियों तो देती है मगर साथ में स्तंभ महत्व इससे कई ज्यादा अधिक है। समाचार पत्र नियमित रूप से पढ़ने से व्यक्ति अच्छी तरह से उस भाषा को पढ़ना बोलना और समझना सीख जाता है। अखबार नियमित रूप से पढ़ने पर व्यक्ति में सोचने समझने की शक्ति तथा विचारों में परिवर्तन देखने को मिलता है।

आसपास के सभी जानकारी होने से व्यक्ति समाज से जुड़ा रहता है, अपने विचार और अपनी समझ से फैसले लेने में सक्षम होता है। विद्यार्थी अगर समाचार पत्र को नियमित रूप से पड़ता है तो उसे समाज के बारे में अधिक जानकारी मिलती है, समाचार पत्र के माध्यम से उसके अध्ययन में लाभ मिलती है।

समाचार पत्र का सकारात्मक प्रभाव

अखबारों के माध्यम से लोगों की सोच में परिवर्तन देखा जाता है, उनकी सकारात्मक दृष्टि निखरती है। आज के समय व्यक्ति सामाजिक घटनाओं में अधिक रूचि रखने लगा है, अखबार के माध्यम से लोग समाज के साथ जुड़े हुए महसूस करते हैं। कुछ समय अखबार पढ़ने से समाज के सभी गतिविधियों के बारे में संपूर्ण रूप से जानकारी व्यक्ति को मिल जाती है इसी वजह से व्यक्ति प्रतिदिन अखबार पढ़ना पसंद करता है।

अंतर्राष्ट्रीय ज्ञान, सामान्य ज्ञान, नई तकनीक, मौसम में बदलाव, शोध, प्राकृतिक वातावरण, विकास इन सभी के बारे में विस्तार से अखबार में जानकारी दी जाती है। नियमित रूप से अखबार पढ़ने से इन सभी चीजों के बारे में जानकारी व्यक्ति को रहती है, समाचार पत्र पढ़ने से सकारात्मक दृष्टिकोण में परिवर्तन आता है।

लोगों की दिनचर्या पर प्रभाव पड़ता है, साथ ही व्यक्ति अनुशासित होने लगते हैं। अकेलेपन मैं अखबार मित्र के भाति व्यक्ति के साथ रहता है। शारीरिक तथा मानसिक संतुलन को बढ़ाने में और व्यक्ति को प्रेरित करने के लिए अखबार पढ़ना आवश्यक है।

समाचार पत्र से होने वाले नुकसान

हर चीज के कुछ नुकसान होते हैं समाचार पत्र के भी हैं, कभी-कभी कुछ गलत खबरें लोगों को भ्रमित कर देती है, संप्रदायिक भावनाओं को भड़काने के लिए कभी-कभी कुछ खबरें प्रकाशित किए जाते हैं। जिसकी वजह से चारों तरफ अशांति का माहौल छा जाता है, दंगे, शोरगुल आदि समाज में देखने को मिलती है।

अगर समाचार पत्र का इस्तेमाल गलत खबरों को प्रकाशित करने के लिए किया जाए तो इसका परिणाम घातक हो सकता है, लोगों को भ्रमित करने के लिए कभी-कभी कुछ गलत खबरें छाप दी जाती हैं, जिसकी वजह से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए प्रत्येक पत्रकार को खबरों की जांच सटीक तरीके से करनी चाहिए।

Conclusion

आज के समय समाचार पत्र व्यक्ति के जीवन का अमूल्य अंग बन चुका है, समाचार पत्र के माध्यम से व्यक्ति आसपास के घटित घटनाओं के बारे में जानता है, सामाजिक मुद्दे, जीवन शैली, विकास, विज्ञापन, राजनीतिक मुद्दे आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। नियमित रूप से अखबार को पढ़ने से व्यक्ति को कई सारे लाभ मिलते हैं, मगर जब गलत खबरें प्रकाशित होती है तो इसका परिणाम घातक हो सकता है इसलिए पत्रकार को खबरों को छापने से पहले अच्छी तरह से जांच लेनी चाहिए।

इसके अलावा अखबार के कई सारे फायदे हैं, व्यक्ति के अंदर सकारात्मक प्रभाव अखबार को पढ़ने के बाद देखा जाता है, उनकी मानसिकता तथा शारीरिक विकास होता है। इसीलिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन अखबार पढ़ना चाहिए, खासकर कर स्कूल, कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को अखबार नियमित रूप से रोजाना सुबह पढ़ना जरूरी है।

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