Lord Krishna Essay in Hindi – भगवान विष्णु के 10 अवतार में से एक भगवान श्री कृष्ण का अवतार है, जो अपने लीलाएं के लिए जाने जाते हैं, कहा जाता है कि सभी देवताओं में सर्वश्रेष्ठ लीलाएं भगवान श्री कृष्ण ने ही किए, अपने बाल काल से ही किसी का भी मन मोह लेने वाला अत्यंत सुंदर श्री कृष्ण की लीलाएं आज भी विश्व भर में प्रसिद्ध है।

भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्री कृष्ण ने प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को सुधारने का मार्गदर्शन बताया है, भगवान विष्णु के सबसे ताकतवर अवतार में से एक अवतार प्रभु श्री कृष्ण का है।

हिंदू धर्म में भगवान श्री कृष्ण का महत्व अनमोल है, प्रत्येक व्यक्ति भगवान श्री कृष्ण की जन्माष्टमी को बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं, यह एक खुशी का त्यौहार है जिसे प्रत्येक व्यक्ति हर्ष और उल्लास के साथ मनाता है। भगवान श्री कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए व्यक्ति व्रत रखते हैं अनुष्ठान रखते हैं।

कृष्ण जन्माष्टमी रात्रि के समय इसलिए मनाई जाती है क्योंकि उनका जन्म अंधेरे में हुआ था, और इन दिनों दही हांडी का खेल आयोजन किस लिए किया जाता है क्योंकि भगवान श्री कृष्ण को माखन सबसे प्रिय थे।

Lord Krishna Essay in Hindi

भगवान श्री कृष्ण का बचपन

एक भविष्यवाणी हुई थी जिसके अनुसार देवकी का आठवां पुत्र महाराज कंस का वध करता, इसलिए कंस ने अपनी बहन देवकी को कैद कर लिया, जैसे ही सातवां मुहूर्त खत्म हुआ और आठवें मुहूर्त की शुरुआत हुई भगवान श्री कृष्ण का जन्म कारागार में हुआ, जन्म के दौरान सभी सैनिक जो कारागार की सुरक्षा कर रहे थे वह सभी बेहोश हो गए।

केवल माता देवकी और पिता वासुदेव ने ही अपने पुत्र के दर्शन किए, मगर माता देवकी ने अपने पुत्र के रक्षा के लिए कृष्ण को वासुदेव को सौंप दिए और इसे कंस से दूर ले जाने के लिए कहा, पिता वासुदेव ने कृष्ण को मां यशोदा के घर रखा आए।

वासुदेव जब गोकुल पहुंचे तो देखा की माता यशोदा खीरा में है, माता यशोदा की कोख से माया ने जन्म लिया, उस दौरान माता यशोदा बेहोश थी, वासुदेव बच्चे की अदला-बदली कर देते हैं कृष्ण को माता यशोदा के पास रख देते है और माया को अपने साथ ले आते हैं।

Lord Krishna Essay in Hindi – श्री कृष्ण की मित्रता

भगवान श्री कृष्ण के सबसे परम मित्र सुदामा थे, एक बार जब सुदामा अपने मित्र कृष्ण से मिलने द्वारिका पहुंचे तो उन्होंने अपने दरिद्रता को देखते हुए उनसे मिलने में झिझकने लगे, मगर जैसे ही प्रभु श्री कृष्ण को पता चला कि उनका मित्र सुदामा उनसे मिलने आया है तो नंगे पेर दौड़ते हुए उनसे मिलने आए।

यह भी कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण अपने मित्र सुदामा की हालत देखकर इतना रोए कि उन्होंने अपने आंसुओं से ही घूम के पैर पखारे थे।

श्री कृष्ण का जीवन

अपने बचपन मैं श्री कृष्ण बड़े ही नटखट और शरारती थे, वह लोगों के घर में घुस जाते हैं और जोड़ी से सारे माखन चुरा कर खा लेते, जब गांव के सभी लोग उनकी शिकायत करने के लिए मां यशोदा के पास जाते तो श्री कृष्ण का भोला चेहरा देखकर सभी प्रसन्न हो जाते।

उन्होंने अपने बचपन काल में ही कई सारे लीलाएं दिखाएं, कंस के द्वारा भेजे गए सभी असुरों का वध उन्होंने बचपन में ही कर दिया, गोपियों के साथ खेलना तथा उनके साथ रास रचाना, गोपियों को सताना, बांसुरी बजाना, तरह-तरह के चमत्कार करना यह सभी श्री कृष्ण ने अपने बाल काल में ही किए।

राधा कृष्ण का प्रेम इस पृथ्वी पर सबसे पवित्र प्रेम माना जाता है, राधा जो माता लक्ष्मी का अवतार थी, राधा और कृष्ण का प्रेम पूरे संसार के लिए प्रेरणा है। राधा कृष्ण वृंदावन में रास रचाते थे, कहा जाता है कि आज भी वृंदावन में उनकी उपस्थिति महसूस होती है।

पूरी सृष्टि को कंस के अत्याचार से श्री कृष्ण ने मुक्त कराई, और द्वारिका के राजा बने।

महाभारत का युद्ध

महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, असत्य पर सत्य की जीत के लिए और धर्म की स्थापना के लिए भगवान श्री कृष्ण अर्जुन के सारथी बने, पांडवों के पक्ष में रहकर उन्होंने धर्म की स्थापना की, जब अर्जुन अपने परिवार तथा अपने गुरु के खिलाफ युद्ध करने से इनकार करता है तब भगवान श्री कृष्ण गीता का उपदेश अर्जुन को देते हैं।

Conclusion

भगवान श्री कृष्ण का नाम लेने मात्र से ही चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाती है, कृष्ण जन्माष्टमी के दिन प्रत्येक घर को सजाया जाता है, हर घर में अनुष्ठान किए जाते हैं। धार्मिक गीत तथा नृत्य से वातावरण सुगंधित हो जाता है।

भगवान श्री कृष्ण की लीलाएं सभी देवताओं से विभिन्न हैं, भगवान श्री कृष्ण गोपियों के साथ रास रचाते थे, उनके कपड़े चुराते, माखन चुराते, और सभी का मन मोह लेते थे।

भगवान श्री कृष्ण ने श्रीमद्भागवत गीता में प्रत्येक व्यक्ति के सभी परेशानियों का समाधान बताया है, अगर किसी व्यक्ति को कोई समस्या है और वह उसका समाधान पाना चाहता है तो उस व्यक्ति को श्रीमद्भगवद्गीता का अध्ययन करना चाहिए।

भगवान श्री कृष्ण का जन्म ही धर्म की स्थापना के लिए हुआ था, भगवान श्री कृष्ण पूरी दुनिया को शांति तथा प्रेम का संदेश दिया, भगवान श्री कृष्ण के नाम मात्र से ही हर कष्ट का निवारण हो जाता है।

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