Lockdown Essay in Hindi – लॉकडाउन एक आपातकालीन स्थिति है जिसे सरकार द्वारा स्वास्थ्य संबंधित या फिर किसी घटना के रोकथाम के लिए सरकार लागू करती है। कभी-कभी यह पूरे विश्व में देखने को मिलता है, जब भारत में कोरोनावायरस तेजी से फैला तब भारत में इसके रोकथाम के लिए पूरे देश में लॉकडाउन लगाया गया, लॉकडाउन का उद्देश्य था कि अधिक से अधिक लोग एक दूसरे से दूरी बनाए रखें।

लॉकडाउन एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपने घर से बाहर नहीं जा सकते तथा एक दूसरे से भी मिलना मुमकिन नहीं है। अगर किसी अस्थान पर लॉकडाउन लगाया गया है इसका मतलब है कि कोई कहीं भी नहीं जा सकता, जो व्यक्ति जहां पर है वह वहीं पर उस वक्त तक रहेगा जब तक लोग डाउन खत्म न कर दिया जाए।

जो पूरे विश्व में कोरोना महामारी फैली तक कई देशों ने लॉकडाउन जैसे कठोर नियम अपने लोगों के लिए लिये, कोरोनावायरस को रोकने के लिए देशों के प्रधानमंत्री तथा राष्ट्रपति ने इसे पूरे देश में लागू किया, भारत के साथ-साथ कई सारे देश में लोक डाउन जैसी समस्या देखने को मिली, इसे समस्या इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके कुछ नुकसान भी है।

भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने लॉकडाउन को घोषित किया, नरेंद्र मोदी जी ने मार्च के महीने में 21 दिन का लॉकडाउन पूरे देश में घोषित किया, पूरे देश को कोरोनावायरस से बचाने के लिए नरेंद्र मोदी जी का यह ऐतिहासिक कदम था, आगे चलकर इस लॉकडाउन को बढ़ाया गया, जो कि 4 चरणों में विभाजित है।

Lockdown Essay in Hindi

लॉकडाउन क्यों लगाया गया?

पूरे विश्व में लॉकडाउन देखने को मिला, हर देश के राष्ट्रपति ज्यादा प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन इसे अपने देश में लागू किया ऐसा इसलिए ताकि देश में तेजी से फैल रहे कोरोना महामारी को रोका जा सके, पूरे विश्व में कोरोना महामारी तेजी से फैल रहा था और अधिक से अधिक लोग इससे प्रभावित हो रहे थे, इसके संक्रमण से लाखों की संख्या में लोगों की मौत हुई थी, लोगों के जीवन को बचाया जा सके और कोरोनावायरस को रोका जा सके इसलिए लॉकडाउन लगाया गया।

स्पेन तथा इटली जहां की मेडिकल स्थिति दुनिया में सबसे अच्छी मानी जाती है जब वहां के लोग भी कोरोनावायरस से बचना सकें और लाखों की संख्या में लोगों की मौत हुई, तब सभी देश के प्रधानमंत्री तथा राष्ट्रपति ने फैसला किया कि वह अपने देश में कोरोना महामारी को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाएंगे। भारत में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने लॉकडाउन लगाया।

लॉकडाउन एक ऐसी स्थिति है जिसमें किसी भी व्यक्ति का अपने घर से बाहर निकलना है मुमकिन नहीं होता, हर तरह के परिवहन सेवा बंद कर दिए जाते हैं, हर तरह की दुकान, फैक्ट्री, और कंपनी बंद हो जाती है।

Lockdown Essay in Hindi – भारत में लॉकडाउन

जब कोरोनावायरस तेजी से भारत में चलने लगा और लोग इसके प्रभाव से ग्रस्त होने लगे तब भारत के प्रधानमंत्री ने फैसला लिया कि पूरे देश में लॉकडाउन लगाया जाए ताकि कोरोनामहामारी को रोका जाए, इसकी शुरुआत चीन से हुई थी और धीरे-धीरे कोरोना पूरे विश्व में फैल गया। विश्व के लगभग सभी देश कोरोना प्रभावित हुए, और उन सभी ने कोरोनावायरस के रोकथाम के लिए लॉकडाउन लगाया।

कोरोनावायरस से बचाव के लिए पूरे देश के व्यक्ति ने इसे अपनाया, हर व्यक्ति ने इसमें भरपूर योगदान दिया, सरकार द्वारा निर्धारित किए गए सभी बचाओ नियमों का पालन किया गया, अच्छे से हाथ धोना, 5 से 6 फीट की दूरी बनाए रखना, मास्क लगाना, यह सभी कुछ निर्देश सरकार द्वारा दिए गए।

जैसे ही भारत में टिको की खोज हुई और लोगों को दी जाने लगी, तो यह पूरे देश से धीरे-धीरे हटाने जाने लगा, आज ऐसी स्थिति है कि पूरे विश्व में कहीं भी लॉकडाउन नहीं लगी है। और अगर कभी फिर से ऐसी स्थिति आती है तो प्रत्येक व्यक्ति को फिर से तैयार रहना चाहिए।

लॉकडाउन के प्रभाव

जब किसी देश में लॉकडाउन लगाया जाता है तो इसके कई सारे दुष्प्रभाव भी देखने को मिलते हैं। देश की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ता है, इसके अलावा लोगों के जीवन पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। जब कोई व्यक्ति काम करता है तभी देश की स्थिति बदलती है, मगर लॉकडाउन के बाद हर तरह की फैक्ट्री तथा वाहन बंद कर दिए गए, जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था को काफी क्षति पहुंची।

हर देश के जीडीपी में भारी गिरावट देखने को मिली, देश में निर्यात तथा आयात की समस्याएं देखने को मिली, इसके अलावा पेट्रोल तथा वस्तुओं के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिली, छोटे मजदूर, महिला, दिहाड़ी करने वाले लोगों के जीवन में अधिक प्रभाव दिखाई दिए, बेरोजगारी तथा भुखमरी जैसी समस्या लॉकडाउन के कारण हुई।

समाज में कई तरह के परिवर्तन दिखाई दिए, गरीब लोगों की जिंदगी पर अधिक असर हुआ, जब वह खाने की तलाश तथा काम की तलाश में बाहर निकलते तो पुलिस द्वारा उन्हें मारा-पीटा जाता उन्हें रोका जाता है। लॉकडाउन के सभी नियमों का पालन करने के लिए सरकार ने कठोर नियम बनाएं।

मगर सबसे ज्यादा असर रोज मजदूरी करने वाले लोगों पर हुआ, उनका जीवन लॉकडाउन के समय सबसे कठिन रहा, यहां कुछ लोग अपने आलीशान घरों में खुशहाल जिंदगी जी रहे थे वहीं कुछ इसके प्रभाव से मर रहे थे।

जो लोग नौकरी कर रहे थे उन्हें काम से निकाल दिया गया, लाखों की आबादी में लोग बेरोजगार हो गए, भुखमरी जैसी स्थिति भारत में देखने को मिली, शिक्षा तथा अर्थव्यवस्था में बदलाव देखने को मिले।

लॉकडाउन के चरण

भारत में 4 चरणों में लॉकडाउन लागू किया गया, जो नीचे दिए गए हैं।

  • पहला लॉकडाउन 21 दिनों का था, इसका समय काल 25 मार्च से लेकर 14 अप्रैल तक का था, इसमें पूर्ण रूप से सभी लोगों को घर में रहने की सलाह दी गई, राशन की दुकानें छोड़कर बाकी सभी पूर्ण रूप से बंद कर दिए गए, सभी प्रकार के यातायात साधन और परिवहन सेवा सभी को बंद कर दिया गया। हर तरफ पुलिस का कड़ा पहरा रहता था।
  • लॉक डाउन का दूसरा चरण 19 दिनों का था, इसका समय काल 15 अप्रैल से लेकर के 3 मई तक का था, इस समय भी सारे नियमों का पालन किया गया हर कार्य को स्थगित कर दिया गया।
  • तीसरे चरण में लॉकडाउन का समय काल 4 मई से लेकर 17 मई तक रहा, इसमें उन स्थानों पर ढील दी गई जहां पर संक्रमण कम था, रेड जोन ग्रीन जोन जैसे क्षेत्रों में विभाजित कर दिया गया। इसमें मजदूरों के लिए स्पेशल ट्रेन चलवाई गई, जिनकी सहायता से लोग अपने घरों तक पहुंच पाए।
  • लॉकडाउन के चौथे चरण में सभी राज्यों ने अपने अपने आवश्यक क्षेत्रों में लॉकडाउन को घोषित किया, इसके अलावा इसमें कुछ ढील दी गई, जैसे कि बाजार जाने की सुविधा, सरकारी कार्यालय खुले, कुछ नियमों का पालन करते हुए लोगों को बाहर जाने की अनुमति मिली।

लॉकडाउन के सकारात्मक प्रभाव

लॉकडाउन लगने के बाद कई तरह के बुरे प्रभाव देखने को मिलेगा, मगर साथ ही इसके कई सारे सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिले, लॉकडाउन लगने की वजह से कोरोनामहामारी पर काबू पाया गया, साथ ही प्रदूषण की मात्रा पर्यावरण से कम हो गई, लोगों को अपने परिवार के साथ रहने का तथा समय बिताने का मौका मिला, पूरे विश्व में डिजिटलाइजेशन तेजी से बड़ा।

लॉकडाउन के दौरान कई लोगों ने एक दूसरे की मदद की, मुसीबत के वक्त ही व्यक्ति की पहचान होती है, हर व्यक्ति ने अपने अनुसार अपने आस-पड़ोस के लोगों की मदद की।

Conclusion

लॉकडाउन एक ऐसी स्थिति है जिसे तब लागू किया जाता है जब किसी समस्या का सामना करना हो, भारत में लोक डाउन कोरोना महामारी के रोकथाम के लिए किया गया, लॉकडाउन के कई सारे नकारात्मक प्रभाव और सकारात्मक प्रभाव रहे, कई लोगों के जीवन पर इसका प्रभाव पर है साथ ही लोगों ने एक दूसरे के साथ रहना सीखा।

लॉकडाउन की वजह से लोगों ने अपने आप को अच्छे से जाना, अपने परिवार के साथ ज्यादा से ज्यादा समय गीता सके, कई लोगों ने कई सारी समस्याओं का सामना किया मगर फिर भी लॉकडाउन पूरे विश्व के लिए ऐतिहासिक कदम रहा।

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