Generation Gap Essay in Hindi

Generation Gap Essay in Hindi – जेनरेशन गैप का अर्थ है 2 लोगों के उम्र में आए हुए अंतर के आधार पर किया जाता है, जब किसी व्यक्ति के विचारधारा किसी और व्यक्ति के विचारधारा से नहीं मिलती हैं तब उसे जेनरेशन गैप की सूची में रखा जा सकता है, एक व्यक्ति दो 20 साल पहले जन्मा हो उसकी विचारधारा आज के जन्मे व्यक्ति से अलग होगी। अक्सर जेनरेशन गैप का टकराव देखने को मिलता है।

राजनीतिक विचारधारा, सामाजिक विचारधारा, धार्मिक विचारधारा, और विचारों में अंतर जेनरेशन गैप को दर्शाता है, अक्सर यह माता-पिता और बच्चों में देखा जाता है। हालांकि यह किसी भी उम्र के लोगों में देखा जा सकता है।

अलग-अलग पीढ़ियों में जन्मे लोगों के बीच यह विचारधारा में अंतर देखा जाता है, वर्षों से वास्तु इस तरह का बदलाव देखा जा रहा है।

Generation Gap Essay in Hindi

जनरेशन गैप शब्द का इतिहास

1960 मैं इस अंतर को जेनरेशन गैप के रूप में जाना गया था, कुछ दौरान एक शोध के अनुसार जान आ गया कि युवा पीढ़ी अपने माता-पिता से अलग विचारधारा रखते हैं, उनका धार्मिक विचारधारा है, सामाजिक विचारधारा, वह राजनीतिक विचारधारा है सभी अपने माता-पिता से अलग है।

युवा अपने माता-पिता से अलग सोचते हैं, कार्य करने में विश्वास रखते हैं, उनकी मनपसंद चीजें उनके माता-पिता के पसंद से नहीं मिलती है। इसी वजह से उनमें कई सारे मतभेद देखे गए। शोध के अनुसार यह भी जाना गया कि सदियों से यह विचारधारा इंसानों में रही है।

Generation Gap Essay in Hindi – जेनरेशन गैप

जेनरेशन गैप आमतौर पर माता-पिता और बच्चों में देखा जाता है, जब बच्चों की विचारधारा अपने माता-पिता से अलग होती है तो इसे जनरेशन गैप का नाम दिया जाता है। वह चीजें जो माता-पिता को पसंद है बच्चों को पसंद नहीं होती और वही उसके विपरीत जो बच्चों को पसंद है वह माता-पिता को पसंद नहीं होती, यही कारण है कि माता-पिता और बच्चों में मतभेद देखा जाता है।

समाज की उन्नति और उसमें परिवर्तन यह सभी जनरेशन गैप के माध्यम से ही होता है, सदियों से चली आ रही परंपरा और रीति-रिवाजों को नए जन्मे बच्चे मानने से इंकार कर देते हैं और उनमें परिवर्तन चाहते हैं। किसी को भाषा से आपत्ति है तो किसी को खान-पान से, इसी वजह से कई सारे अविष्कार हुए, विज्ञान में तरक्की हुई।

जेनरेशन गैप के माध्यम से समाज में कई तरह के बदलाव देखे जाते हैं, जैसे कि पहले के जमाने में व्यक्ति अपने पूरे परिवार के साथ रहता था मगर वही आज के समय व्यक्ति अपना छोटा परिवार बनाना चाहता है, आज के युवा अपने संयुक्त परिवार के साथ रहना पसंद नहीं करते उन्हें अपना छोटा परिवार ही पसंद आता है, इन सभी का कारण विचारधारा है।

पीढ़ी का अंतर स्पष्ट कैसे करें?

पीढ़ी के अंतर को स्पष्ट करने के लिए शोधकर्ताओं ने इसे अलग-अलग नाम दिए हैं, जो व्यक्ति आजादी से पहले पैदा हुए हैं उन्हें परंपरावादी करार किया गया है और वही जो इसके बाद पैदा हुए उन्हें बेबी बुमेरर्स के नाम से जाना जाता है। इसके बाद वह सभी व्यक्ति 1965 से लेकर 1980 के बीच पैदा हुए उन्हें जनरेशन एक्स के नाम से जाना जाता है, और वह व्यक्ति जो 1980 से लेकर 1999 के बीच पैदा हुए पुणे जनरेशन वाई के नाम से जाना जाता है।

परंपरावादी

परंपरावादी, उन लोगों का समूह है जो 1946 से पहले पैदा हुए हैं और जिन की अभी की उम्र 70 साल से ज्यादा है, इन लोगों में देखा जाता है कि यह आदेश का अच्छी तरह से पालन करते हैं, सभी काम को कुशलता से करते हैं। साथी यह युवा पीढ़ी के साथ अपने अनुभव को साझा करते हैं और उनके साथ रहना पसंद करते हैं। उनके पास जो ज्ञान और अनुभव है उन्हें दूसरों के साथ बांटने में विश्वास रखते हैं, इस श्रेणी के लोग वफादार और ईमानदार होते हैं।

बेबी बुमेरर्स

उन लोगों का समूह है जो 1946 के बाद पैदा हुए हैं, इस पीढ़ी में देखा जाता है कि लोग कड़ी मेहनत करते हैं, इन लोगों में देखा जाता है कि यह नाम और प्रसिद्धि के लिए व्याकुल रहते हैं। इन लोगों ने कई तरह के कष्टों का सामना किया है इसलिए यह कड़ी मेहनत करते हैं ताकि उनके बच्चे वह सभी आराम पा सके जो उन्हें कभी नहीं मिला, इन लोगों में असंतोष की भावना ज्यादा दिखाई देती है।

जनरेशन एक्स

इसमें वह लोग आते हैं जो 1965 से लेकर 1980 के बीच पैदा हुए, इस समय के लोग अपना नाम और पहचान बनाने के लिए व्याकुल रहते हैं। यह लोग अपने सभी कार्य को समय पर पूर्ण करने की कोशिश करते हैं साथ ही यह अपने सभी कार्य को अपने तरीके से करते हैं। नियमों का पालन करना इन्हें बखूबी आता है, इस उम्र के सभी लोग मैं अपने माता पिता को काम करते हुए देखा है जिस वजह से इन्हें पैसे और समय का मूल्य पता है। यह अपने माता-पिता से प्रभावित हैं इसलिए अच्छा जीवन जीने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। इस पीढ़ी के लोग ज्यादा मेहनती और प्रबल इच्छा के होते हैं।

जनरेशन वाई

वह सभी लोग जो 1981 से लेकर 1999 के बीच पैदा हुए हैं वह सभी व्यक्ति इन जनरेशन में आते हैं, इनमें से कई सारे ऐसे लोग हैं जो अभी-अभी काम करने के लिए तैयार हुए हैं, कुछ शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, इन लोगों में देखा जाता है कि यह ज्यादा उत्सुक और अभिलाषी रहते हैं प्रत्येक कार्य के लिए। रचनात्मक ढंग से प्रत्येक कार्य को करने में विश्वास रखते हैं, कई तरह के अविष्कार तथा शोध करने में इनमें दिलचस्पी है। देश को ऊंचाइयों तक ले जाने में हो रहस्य में खोजो का पता लगाने में इन्हें आनंद आता है।

जेनरेशन गैप के प्रभाव

उम्र में हौसले के वजह से कई तरह के इसके दुष्प्रभाव देखने को मिलते हैं, रिश्तो में दरार, विचारों का परिवर्तन, यह सभी व्यक्ति में नियमित रूप से देखने को मिलते हैं।

परिवारिक प्रणाली

पुरानी पीढ़ी के लोग संयुक्त परिवार में रहना पसंद करते हैं मगर वही आज के समय के लोग एक दूसरे के साथ रहना पसंद नहीं करते, खुले मूल रूप से स्वतंत्र परिवार से ज्यादा महत्वपूर्ण लगती है। परिवार वालों से विभिन्न विचारधारा रिश्तो में दरार डालने का काम करती है। पहले के जमाने में जहां सभी लोग संयुक्त परिवार में रहने में गौरव महसूस करते थे वही आज के लोग छोटे परिवार में रहना पसंद करते हैं।

भाषा

पहले के लोग हिंदी भाषा का प्रयोग करते थे मगर वही आज के व्यक्ति हिंदी भाषा के साथ कई अलग-अलग तरह के भाषाओं का को जोड़कर का अपनी बोली मैं इस्तेमाल करते हैं। भाषाओं की वजह से व्यक्तियों में अलग अलग पहचान बनती है, जो व्यक्ति जिस प्रकार की भाषा बोलता है उसे इसी श्रेणी में योग्य माना जाता है। जैसे कि पुरानी पीढ़ी के लोग अंग्रेजी भाषा बोलना नहीं जानते और आज के युवा अंग्रेजी भाषा का मुख्य रूप से अपनी बोलचाल में इस्तेमाल करते हैं इसी वजह से पुरानी पीढ़ी में और आज की पीढ़ी में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं।

रवैया

पहले के लोग वफादार तथा कुछ भी बोलने से पहले विचार करते थे, मगर आज के युवा ना तो कुछ बोलने से पहले सोचते हैं और ना ही उनका व्यवहार किसी के प्रति अच्छा होता है। घर में उनका व्यवहार बिल्कुल अलग होता है, और अपने दोस्तों के साथ से अलग होता है। पुरानी पीढ़ी के लोग नए युवाओं के साथ अपना अनुभव साझा करना चाहते हैं मगर आज के युवा सोचते हैं युवा पुरानी पीढ़ी से कई गुना बेहतर है इसलिए वह उनका सुझाव मानने से इंकार कर देते हैं।

महिलाओं के प्रति व्यवहार

पुरानी पीढ़ी के महिला घर तक ही देखी जाती थी आज के समय के महिला पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है। पुरुषों के साथ काम करती है, घर से बाहर जाती है, पहले व्यक्ति नारियों का सम्मान करते थे मगर आज के समय व्यक्तियों का व्यवहार नारियों के प्रति दुष्ट हो गया है। जहां महिलाएं पहले घर में चूल्हा चौका तक ही रहती थी वही आज के समय अंतरिक्ष तक पहुंची है।

जेनरेशन गैप को कैसे भरा जाए?

परिवार, माता पिता, यह सभी इस दुनिया में सबसे बढ़कर होते हैं, माता पिता अपने बच्चों का पालन पोषण करते हैं उन्हें अच्छी शिक्षा देते हैं उन्हें अच्छा व्यक्ति बनाते हैं, मगर वही जब बच्चे बड़े हो जाते हैं तब उन्हें लगता है कि उनकी मानसिकता, और विचारधारा उनके माता-पिता से अलग है और वह उनका आदर करना छोड़ देते हैं।

पुरानी पीढ़ी हमेशा से ही सही फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी कई तरह के दृश्यों को देख कर जिया होता है। वहीं अगर किसी युवा को कोई सलाह दी जाए तो उसे अपमान की अनुभूति होती है। उनके अलग वास्तविकता को विचारधारा के कारण उन्हें लगता है कि वह अपने पुरानी पीढ़ी से ज्यादा समझदार है और सही फैसले ले सकते हैं।

इसलिए प्रत्येक दोनों पक्षों को यह समझना होगा की जनरेशन गैप क्या होता है, पुरानी पीढ़ी के लोगों को समझना होगा कि उनके बच्चे किसी और युग में पैदा हुए हैं और उनकी विचारधारा उनसे अलग है। उसी अनुसार उनके साथ व्यवहार करना है, और साथ ही नए युवाओं को भी समझना होगा पुरानी पीढ़ी के लोग ज्यादा अनुभवी और समझदार हैं और उनसे सलाह परामर्श करने में उनका ही लाभ है, अपने माता पिता के साथ अच्छा व्यवहार करना होगा।

एक दूसरे की मनोदशा को समझते हुए ही अपने सारे फैसले लेने होंगे, उनके बातचीत और विचारधारा भले ही विपरीत हो मगर रिश्तो में दरार उम्र की वजह से नहीं आनी चाहिए।

Conclusion

बढ़ती जनसंख्या की वजह से और टेक्नोलॉजी की वजह से विचारधाराओं में परिवर्तन देखने को मिलता है, इस दुनिया में जेनरेशन गैप काफी तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को समझना होगा कि वह अलग अलग समय पर जन्मे हैं और उनका कार्य लिखें समय में सही था, एक दूसरे को प्रेरित करना चाहिए। अपनी जिम्मेदारियां तथा अपने सपने अगली पीढ़ी के युवाओं पर सोपना नहीं चाहिए।

विचारधाराओं के विपरीत होने के कारण रिश्तो में दरार आ सकती है, संघर्ष का कारण बन सकता है। व्यक्ति अपने आप में ही उलझा हुआ रह सकता है। रिश्तो में दूरियां आने लगती है। इसीलिए प्रत्येक व्यक्ति को एक दूसरे को समझना होगा ताकि जेनरेशन गैप को खत्म किया जा सके।

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