Fuel Conservation Essay in Hindi – पृथ्वी पर विभिन्न विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक संपदा भरी हुई है, जिससे मनुष्य उपयोग करके अपने जीवन को सरल बनाता है, मनुष्य प्राकृतिक संपदा पर निर्भर करता है, इंधन प्राकृतिक संपदा में से एक है जिसके बिना मनुष्य अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकता।

हर छोटी से छोटी आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए प्राकृतिक संपदा इंसानों के लिए जरूरी है, इंदन के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को सरल बनाता है अपने हर एक कार्य को बेहतर करने के लिए इंधन का उपयोग रोजमर्रा की जिंदगी में क्या जाता है।

आज के इस लेख में इंधन के बारे में पूर्ण रूप से जानेंगे, और समझेंगे कि इंधन संरक्षण आवश्यक क्यों है।

Fuel Conservation Essay in Hindi

इंधन किसे कहते हैं?

इंधन ऐसा प्राकृतिक पदार्थ है जो उर्जा उत्पन्न करता है, यह कोयला, लकड़ी, तेल, प्राकृतिक गैस, हाइड्रोजन, इन सभी के रूप में होते हैं। जिस किसी भी वस्तु को जलाने के बाद उर्जा उत्पन्न होती है उसे इंधन कहा जाता है।

इंधन के अर्थव्यवस्था से यह पता लगाया जा सकता है कि कोई भी वस्तु जो ऊर्जा से चलता है वह कितने देर काम कर सकता है, वस्तुओं का उत्पादन करने के लिए इंधन महत्वपूर्ण वस्तु है, बिना इंधन के किसी भी वस्तु का उत्पादन करना कठिन है। इसीलिए व्यक्ति को सामान्य रूप में ईंधन का इस्तेमाल करना चाहिए।

Fuel Conservation Essay in Hindi – इंधन के प्रकार

इंधन एक ऐसा पदार्थ है जो ऑक्सीजन के संपर्क में उष्मा का उत्पादन करता है, इंधन के कई प्रकार होते हैं मुख्य रूप से यह ठोस, द्रव, गैस और नाभिकीय स्थिति में पाए जाते हैं।

ठोस इंधन

वह सभी इंधन जो ठोस रूप में होते हैं, उसे ठोस ईंधन कहा जाता है। इनमें लकड़ी, कोयला, आदि इंधन आते हैं। इस प्रकार के इंधन काफी कम ऊर्जा है उत्पन्न करते हैं।

द्रव ईंधन

इस प्रकार के ईंधन द्रव अवस्था में पाए जाते हैं, इनमें पेट्रोल, डीजल, केरोसिन आदि प्रकार के इंधन आते हैं। इन्हें जलाने के बाद किसी भी प्रकार का राख देखने को नहीं मिलता, 4 दिन में अधिक मात्रा में उष्मा होती है।

गैस ईंधन

गैस इंधन, गैस के रुप में होते हैं यह अत्यधिक ज्वलनशील होते हैं वह इन्हें व्यक्तियों द्वारा अधिक मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है। कोयला गैस, हाइड्रोजन, प्रोपेन, एलपीजी, आदि प्रकार के गैस शामिल हैं। घर में खाना बनाने से लेकर उद्योग के सभी कार्यों में गैस इंधन का इस्तेमाल किया जाता है।

नाभिकीय ईंधन

नाभिकीय ईंधन महत्वपूर्ण इंधनों में से एक है, इसमें नाभिकीय संलयन और नाभिकीय विखंडन जैसे क्रियाएं देखने को मिलती है। स्रोत के आधार पर तीन भागों में बांटा गया है।

रसायनिक ईंधन

रसायनिक इंधन में हाइड्रोजन तथा मिथेन आदि प्रकार के इंधन होते हैं।

जीवाश्म ईंधन

किस प्रकार के इंधन में कोयला तथा पेट्रोलियम विशेष रूप से आते हैं।

जैव ईधन

जैव इंधन के अंतर्गत कोयला, लकड़ी, बायोडीजल आदि प्रकार के इंधन आते हैं।

इंधन संरक्षण जरूरी क्यों है?

मनुष्य को प्रत्येक कार्य के लिए इंधन की, ऊर्जा की जरूरत होती है। इसीलिए प्राकृतिक संपदा का इस्तेमाल किया जाता है, मनुष्य प्रत्येक वस्तु के लिए प्रकृति के द्वारा दिए गए संपदा पर निर्भर करता है। आज के समय खाने-पीने से लेकर के वस्तुओं का निर्माण करने तक सभी कार्यों में ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन अधिक मात्रा में ऊर्जा का इस्तेमाल करने के कारण यह प्रकृति से लुप्त हो रही है।

अगर एक बार इंधन प्रकृति से लुप्त हो जाए तो इसे वापस बनने के लिए हजारों सालों का समय लगता है, अगर ऐसा होता है तो व्यक्ति अपने अस्तित्व को खो देगा और अपने रोजमर्रा की चीजों के लिए मोहताज हो जाएगी। इसीलिए इंधन संरक्षण जरूरी है।

इंधन के कमी के कारण अर्थव्यवस्था में बदलाव देखने को मिलता है, जिस देश में इंधन उपलब्ध नहीं है वह दूसरे देशों से अधिक कीमत में इंधन का आयात करता है, इसके अलावा हमारे स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव पड़ता है, साथ ही साथ दूसरे जीव जंतुओं, पेड़ पौधों को भी नुकसान पहुंचता है।

ग्लोबल वार्मिंग जैसे खतरे बढ़ते जाते हैं, इसी वजह से इंधन संरक्षण आवश्यक है। जितना हो सके इंधन का इस्तेमाल व्यक्ति को कम करना चाहिए, वाहनों का इस्तेमाल कम से कम किया जाना चाहिए, वाहनों का कम इस्तेमाल करने के कारण पर्यावरण में प्रदूषण भी कम होता है, और अगर व्यक्ति पैदल चलने लगे तो स्वास्थ्य में भी परिवर्तन देखने को मिलता है।

जब भी किसी वाहन को ईंधन की बर्बादी करते देखा जाए तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए साथी लोगों ने इंधन के प्रति जागरूकता फेले। व्यक्ति को समझना होगा कि अगर इंधन लुप्त हो जाती है तो क्या समस्या हो सकती है।

अगर इंधन पृथ्वी से लुप्त हो जाती है तुम मनुष्य किसी भी प्रकार का वाहन चलाने में असमर्थ होगा, इसके अलावा उद्योग में गिरावट देखने को मिलेगी, इंधन के कारण जो भी कार्य रोजमर्रा की जिंदगी में किए जाते हैं वह सभी बंद हो जाएंगे। और इंसान को काफी समस्या झेलनी पड़ेगी। इसीलिए इंधन संरक्षण व्यक्तियों के लिए आवश्यक है।

Conclusion

दिन पर दिन जनसंख्या के बढ़ने के कारण और वस्तुओं के अधिक उत्पादन से ऊर्जा की खपत अधिक मात्रा में हो रही है, व्यक्ति अपने साधनों के लिए इंधनों का इस्तेमाल करता है, जिस वजह से प्राकृतिक संपदा लुप्त हो रही है।

प्रत्येक व्यक्ति को यह बात समझनी चाहिए की, इंधन संरक्षण महत्वपूर्ण क्यों है, इंधन संरक्षण करने के लिए कई सारे नियम व्यक्ति को बनाने चाहिए ताकि अधिक से अधिक इंधन को बचाया जा सके, व्यक्ति को जितना हो सके उतना कम ऊर्जा का इस्तेमाल करना चाहिए।

किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को प्रबल बनाने के लिए इंधन मुख्य किरदार निभाता है, मगर अधिकतम ईंधन का इस्तेमाल करने से ईंधन की कमी पृथ्वी पर देखी जा सकती है, जिस वजह से व्यक्ति अपने दिनचर्या के कार्य को कर नहीं पाएगा, और उसका जीवन प्राचीन काल के व्यक्तियों की तरह हो जाएगा, इसलिए यह जरूरी है कि व्यक्ति ऊर्जा के लिए दूसरे स्रोत का इस्तेमाल करें। जिससे ऊर्जा की मांग पूरी होगी और पर्यावरण को कोई नुकसान भी नहीं होगा। सूर्य ऊर्जा, और वायु ऊर्जा का इस्तेमाल व्यक्ति को अपने दिनचर्या के कार्यों के लिए करना चाहिए।

Read more –

Fuel conservation essay in EnglishMoney essay in Hindi
essay on Fuel in HindiGeneration Gap essay in Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Post