Essay on Who am I in Hindi (मैं कौन हूं पर निबंध)

Essay on Who am I in Hindi – इस पूरे जगत में मैं ही एक मात्र ऐसा इंसान है जो अपने आप को पूरी तरह से जानता हूं, हालांकि कभी-कभी मैं उलझन में पड़ जाता हूं जब भी कोई व्यक्ति मुझसे मेरे बारे में पूछता है, पहले मेरे साथ अक्सर ऐसा होता था कि मैं अपने आप को ठीक से दूसरों के सामने परिभाषित नहीं कर पाता था।

कुछ पंक्तियां बोलते हैं मैं चुप हो जाता था, पर मैं अब समझ चुका हूं कि मैं कौन हूं, मैं एक ऐसा इंसान हूं जो इस पूरे विश्व में सबसे अलग है।

Essay on Who am I in Hindi

Essay on Who am I in Hindi – मैं कौन हूं?

मैं कौन हूं? इस शब्द का आसान सा जवाब है मैं एक ऐसा व्यक्ति हूं जो इस पूरे विश्व में सबसे अलग है, मैं कभी किसी की बुराई नहीं करता, अपने कार्य से मतलब रखता हूं। मेरे आस-पास रहने वाले सभी लोग मुझे कई नामों से पुकारते हैं, कोई मुझे दोस्त बुलाता है तो कोई मुझे छोटू बुलाता है। मगर असल में मैं उन सब से अलग हूं जो मेरे आस-पास रहते हैं। मैं थोड़ा गुस्सैल हूं, थोड़ा कम बोलता हूं, अपने काम से काम रखता हूं।

हर रोज कई तरह की भावनाओं को महसूस करता हूं, कई चीजें मुझे इस समाज में गलत लगती है मैं उन सभी गलत चीजों के खिलाफ आवाज उठाने में विश्वास रखता हूं। मैं चाहता हूं कि मैं इस जगत का कल्याण करने में अपना योगदान दे सकूं।

मेरा प्राकृतिक लक्षण

दूसरों के मुकाबले मैं ज्यादा समझदार और व्यक्तिगत हूं, हर पल हर समय का आनंद लेता हूं। मुझे अपने रिश्तेदारों, पड़ोसियों सभी के साथ अच्छा संबंध बना कर जीने में संतुष्टि मिलती है। मैं किसी भी व्यक्ति के कार्य में बाधा नहीं बनता, अपने कार्य में व्यस्त रहता हूं और अपेक्षा करता हूं कि सभी व्यक्ति खुशी से साथ रहे।

कभी-कभी लोग मेरे इस स्वभाव को समझ नहीं पाते और मुझसे नाराज हो जाते हैं। लोग सोचते हैं कि मैं घमंडी और अभिमानी व्यक्ति हूं पर ऐसा नहीं है मैं अपने कार्य में व्यस्त रहता हूं जिसके कारण मैं दूसरों को समय नहीं दे पाता, पर इसका मतलब यह नहीं है कि मुझे उनकी परवाह नहीं है जैसे ही मैं अपने कार्य से मुक्त होता हूं मैं प्रत्येक व्यक्तियों से बातें करता हूं।

मुझे दूसरे लोगों की मदद करना पसंद है, मुझे तकलीफ होती है जब भी मैं किसी को तकलीफ में देखता हूं। कभी भी मैं संकोच नहीं करता किसी भी व्यक्ति की मदद करने में मुझसे जितना बन पड़ता है मैं उस व्यक्ति की मदद करता हूं और जब तक जीवित हूं लोगों की मदद करता रहूंगा।

मैं अनुशासित हूं मैं हर रोज अपना कार्यसूची बनाता हूं ताकि पूरे दिन मुझे क्या करना है यह मुझे ज्ञात हो जाए, हर कार्य को समय पर समाप्त करना मुझे पसंद है, मैं हर कार्य को निर्धारित समय में पूर्ण कर लेता हूं और कभी नहीं कर पाता तो निराश हो जाता हूं।

मुझे ईश्वर का स्मरण करना अच्छा लगता है इससे मुझे ताकत मिलती है और मैं खुश और स्वस्थ रहता हूं।

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मेरा लक्ष्य

मैं एक महत्वकांक्षी इंसान हूं इसी वजह से मैं अपने हर एक कार्य को समय पर करता हूं और अच्छे से करना पसंद करता हूं। मैं अपने जीवन को लक्ष्य के साथ जोर कर चलता हूं, मुझे पढ़ना लिखना बहुत पसंद था और मैं अपने जीवन में अपने ज्ञान के बल पर कामयाबी हासिल करना चाहता हूं। जड़ी बूटियों का ज्ञान, सामाजिक ज्ञान, इतिहास इस सभी पाठ्यक्रमों को मुझे पढ़ना अधिक पसंद है।

मुझे पढ़ लिख कर एक अच्छा इंसान बनना है और दूसरे लोगों की सेवा करनी है, इसीलिए मैं डॉक्टर बनना चाहता हूं, मैं डॉक्टर इसलिए बनना चाहता हूं क्योंकि मैं अपने इस ज्ञान के बल से लोगों की सहायता कर सकूं उनका दुख दूर कर सकूं। मुझे तकलीफ होती है जब मैं किसी व्यक्ति को बीमार देखता हूं। मैं लोगों की मुफ्त में इलाज करना चाहता हूं ताकि प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ जीवन जी सकें।

Essay on Who am I in Hindi

मेरा आदर्श

मेरे जीवन का आदर्श मेरे पिता है मैं उनकी तरह रहना चाहता हूं, उनकी तरह पूरे परिवार और समाज की सेवा करना चाहता हूं। मेरे पिता मुझे हर रोज प्रेरित करते हैं। वह मेरे लिए दिन रात मेहनत करते हैं ताकि मैं हर सुख भोग सकूं, मुझे अच्छी शिक्षा मिल सके, मेरी हर जरूरत पूरी हो सके। उनकी ईमानदारी और बहादुरी मुझे हर रोज प्रेरित करती है उनके जैसा बनने में। वह मेरे लिए हर संभव प्रयास करते हैं ताकि मैं पढ़ लिखकर एक अच्छा इंसान बन सकूं।

वह मेरे साथ खेलते हैं, मुझे पढ़ाते हैं, मुझे स्कूल छोड़ने जाते हैं और मुझे अलग-अलग जगह पर घुमाने ले जाते हैं। उनका साथ मेरे लिए अनमोल है और मैं अपने पूरे जीवन उनका यह कर्ज नहीं चुका सकता। मैं जल्द ही कामयाब हो जाना चाहता हूं और उनकी सेवा करना चाहता हूं इसलिए मैं दिन रात मेहनत करता हूं।

मेरे पिता मेरे लिए सब कुछ है, मेरे पिता मेरे सुपर हीरो है। उन्हें हर तरह का कार्य आता है, उन्होंने अपने सपने, अपनी खुशियां, मेरे लिए त्याग दिए, मेरे छोटी-छोटी जिद को पूरा करने के लिए वह दिन रात मेहनत करते हैं।

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मैं दयालु हूं

मुझे लगता है कि मैं बहुत ही दयालु हूं, जब भी मैं किसी व्यक्ति को मुसीबत में या तकलीफ में देखता हूं तो मुझे भी तकलीफ होती है। मैं हर मुमकिन कोशिश करता हूं मैं व्यक्ति की मदद कर सकूं उसे कुछ तकलीफ से निकाल सकूं। मेरे आस-पास कई सारे ऐसे लोग हैं जो आर्थिक और शारीरिक रूप से कमजोर है, वह खुद की मदद नहीं कर सकते और जब भी मैं उन्हें उनकी इस हालत में देखता हूं तुम मेरे आंखों से आंसू निकल पड़ते हैं।

एक बार मैंने अपने सारे जमा किए पैसे एक गरीब व्यक्ति को दे दिए थे, जिस वजह से मुझे घर पर डांट पड़ी। और मुझे खुशी थी कि मेरी वजह से कोई व्यक्ति अपनी जरूरतों को पूरा कर सका।

जब भी कोई व्यक्ति मेरे सामने भीख मांगता है, तो मुझे फोन नहीं करती हो पर दया आ जाती है उस वक्त मेरे पास जो कुछ भी होता है मैं उन्हें दे देता हूं। कभी-कभी मैं अपने दुख और तकलीफों को दूसरे से छुपाता हूं ऐसा इसलिए क्योंकि मैं नहीं चाहता कि मेरी वजह से कोई दूसरा व्यक्ति तकलीफों का सामना करें।

मैंने कैसे अपने आप को बेहतर बनाया

मेरे पिता मुझे वह काम करने की इजाजत नहीं देते जिनसे मुझे पीड़ा हो, पर मुझे दूसरों से सीखने में और उनकी मदद करने में आनंद आता है, मेरा स्वभाव ही कुछ इस तरह का है कि मैं किसी को तकलीफ में नहीं देख सकता। पर जब मैंने लोगों को तकलीफ में देखा तो उनकी मदद करने की हरसंभव कोशिश की, फिर समझ में आया कि उनकी मदद करने से पहले मिलेगा उसको इसका बिल बनाना होगा कि मैं उनकी मदद करने से पहले एक बार भी झिजकु न।

इसलिए मैंने अच्छे से पढ़ाई की, अपनी हर कार्य को समय से समाप्त किया, दूसरों की हर बात को माना और उनका सम्मान किया, मैं प्रत्येक व्यक्ति की भावनाओं की इज्जत करता हूं और उन्हें समझने की कोशिश करता हूं। मैं हर रोज अपने आप को बेहतर बनाने की कोशिश करता हूं।

मैंने अपने बचपन को अच्छे से जिया है, एक कामयाब व्यक्ति बना हूं। और आज मैं प्रत्येक व्यक्ति की मेरिट कर सकता हूं जो तकलीफ में है, हर वह व्यक्ति जो अपनी खुद की मदद नहीं कर सकता। मुझे उनकी मदद करना है खुशी महसूस होती है।

Essay on Who am I in Hindi

मेरा प्यारा परिवार

मेरे परिवार में मेरे माता-पिता, दादा-दादी, भाई बहन, चाचा चाची, मामा मामी सभी हैं जो मेरी ताकत है। मेरे दादाजी मेरी हर जरूरत का ख्याल रखते हैं और मुझसे बहुत प्यार करते हैं। मेरी दादी मुझे हर रोज कहानियां सुनाती है, मेरे भाई मेरे साथ हमेशा रहते हैं हर मुसीबत में मेरा साथ देते हैं।

मेरी बहन मुझसे लड़ती है मगर है वह मेरी परवाह करती है। मेरे मां मेरे लिए हर काम करती है और मुझसे प्रेम करती है, मेरी मां मेरे लिए सब कुछ है, वह मुझे खाना बना कर खिलाती है, मेरे कपड़े धोती है, मेरी हर जरूरत का ख्याल रखती है। कठिन समय पर मेरे परिवार का हर एक सदस्य मेरे साथ होता है।

मेरी मां, मेरी दादी एक धार्मिक महिला है जो मुझे तरह तरह की कहानियां सुनाती है और संस्कृति के बारे में सिखाती है। मेरे परिवार का हर एक सदस्य मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मेरी मां घर के काम करने के अलावा ऑफिस में काम भी करती है, घर परिवार और अपने काम दोनों को अच्छे से संभालना जानती हैं। शाम को जब वह अपने ऑफिस से आती है तो मुझे खाना बना कर खिलाती है और मुझे पढ़ने में मदद करती है।

मेरे पिता सख्त हैं पर मेरे लिए हर कार्य करते हैं, मेरी खुशियों के लिए कठिन परिश्रम करते हैं। मैं अपने प्रत्येक परिवार वालों का शुक्रिया करना चाहता हूं क्योंकि उन्होंने मेरा साथ हर समय दिया है। जब भी मुझे मेरे परिवार वालों की जरूरत थी तब वह मेरे साथ खड़े थे।

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Conclusion

मुझे अच्छे से पता है कि मैं कौन हूं, और मुझे इसमें कोई शक नहीं कि मैं एक अच्छा इंसान हूं, जो किसी भी व्यक्ति के साथ किसी भी तरह का कोई दुष्ट व्यवहार नहीं करता, प्रत्येक व्यक्ति के साथ मिलकर रहना चाहता है, अपने कार्य से मतलब रखता है, खुशमिजाज हु, और सबकी परवाह करता हूं।

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