Elephant Essay in Hindi – पृथ्वी पर मौजूद ताकतवर और विशाल जानवरों में से एक जीव हाथी है, माना जाता है कि पृथ्वी पर सबसे ताकतवर जानवरों में से एक हाथी है, और यह सच भी है क्योंकि हाथी का शरीर विशाल होता है जिसमें असीम सकती होती है। हाथी को इंसान पालता है उसे प्रशिक्षित करता है, और उससे कई सारे लाभ प्राप्त करता है। इसके अलावा जंगली हाथी समूह में रहते हैं।

इंसानों के लिए हाथी हमेशा से ही उपयोगी रहा है, कई सारे कार्यों के लिए व्यक्ति हमेशा हाथियों का इस्तेमाल करते हैं। हाथी की शारीरिक संरचना देखकर किसी के भी अंदर डर आ सकता है। आमतौर पर हाथी खाने में हरी पत्तियां, पौधों तथा फलों को खाना पसंद करते हैं। अपनी विशाल शरीर के साथ-साथ हाथी एक बुद्धिमान पशु भी है, जो अपनी सूझबूझ और समझदारी की वजह से प्रचलित है।

आमतौर पर एक हाथी 120 वर्षों तक जीवित रह सकता है, और पूरी दुनिया में हाथी पाए जाते हैं, पर्यावरण के अनुसार हाथी की शारीरिक संरचना अलग-अलग होती है मगर आमतौर पर सभी एक जैसे ही दिखते हैं।

Elephant Essay in Hindi

हाथी की शारीरिक संरचना

हाथी का रंग आमतौर पर ग्रे होता है, मगर कहीं-कहीं सफेद रंग के हाथी के मिलते हैं, इसके चार विशाल स्तंभ जैसे पेर होते हैं, इसके साथ ही दो बड़े कान होते हैं। एक लंबी मोटी सूंड़ होती है और एक लंबी पतली पूछ होती है। दो छोटी छोटी आंखें जिनकी सहायता से यह दूर तक देख सकती है। साथ ही सफेद रंग के दो लंबे दांत बाहर निकले होते हैं। सूंड़ की मदद से हाथी अपने अधिकतम कार्य करती है।

Elephant Essay in Hindi – हाथी की खानपान

जंगल में रहने वाला हाथी आमतौर पर हरी पत्तियों, पेड़ की टहनियां, जंगली फल आदि खाना पसंद करता है। मगर वही पालतू हाथी इंसानों द्वारा दिया गया भोजन खाता है जैसे कि गन्ने, केले, रोटी, भूसा, आदि। प्राचीन समय में हाथी का इस्तेमाल राजा महाराजाओ के द्वारा किया जाता था, शाही सवारी तथा युद्ध में हाथी का इस्तेमाल किया जाता था। मगर वही आज के समय हाथी का इस्तेमाल वजन उठाने के लिए, सर्कस मैं तमाशा दिखाने के लिए किया जाता है।

एक औसत हाथी लगभग 100 वर्षों से अधिक जीवित रह सकता है, इसके साथ ही अगर इसकी अच्छी तरह से सेवा की जाए तो यह 120 वर्ष से अधिक भी जी सकता है। हाथी के दातों के लिए हाथी का शिकार इंसानों द्वारा किया जाता है, यह गलत है मगन इंसान सदियों से हाथियों का शिकार करता आया है। हाथी जब तक जीवित रहता है तब तक इंसानों के कार्य आता है मगर इस के मरने के बाद भी यह इंसानों को कई तरह के लाभ पहुंचाता है। हाथी के दांत से कई तरह की दवाइयां और सजावट की चीजें बनाई जाती है।

हाथियों के प्रकार

पृथ्वी पर हाथियों के कुल 2 प्रकार पाए जाते हैं पहला अफ्रीकी हाथी और दूसरा एशियन हाथी। हाथियों के दो बड़े बड़े कान होते हैं जो बिल्कुल पंख की तरह होते हैं, और चार स्तंभ जैसे विशाल पेर होते हैं। इनके मुंह से जुड़ी हुई एक लंबी सूंड़ होती है जिसके दोनों तरफ दो लंबे-लंबे सफेद दांत होते हैं।

हाथी की सूंड़ काफी लचकदार होती है, हाथी अपने सूंड़ की मदद से अपने सभी कार्यों को करता है जैसे कि सांस लेना, खाना खाना, नहाने के लिए, भावनाओं को महसूस करने के लिए, तथा किसी से युद्ध करने के लिए, हाथी का सूंड़ बहुत ही महत्वपूर्ण अंग होता है हाथी के लिए।

अगर बात की जाए अफ्रीकी हाथी की तो यह एशियन हाथी से आकार में थोड़े बड़े होते हैं, साथी इनका रंग गहरे सलेटी होता है। इनके भी दो बड़े बड़े कान होते हैं जो किसी विशाल पक्षी की पंख की तरह दिखाई देती है। यह प्रजाति आमतौर पर अफ्रीका, भारत, श्रीलंका, थाईलैंड तथा बर्मा में पाई जाती है।

इनकी खासियत है होती है कि यह अपने झुंड में रहना पसंद करते हैं, अधिक मात्रा में पानी पीते हैं। साथी तालाबों में तथा नदियों में अच्छी तरह से तैरना भी जानते हैं। शाकाहारी जानवर होने की वजह से यह भोजन के लिए मुख्य रूप से वन के साधनों पर निर्भर रहते हैं, हरी पत्तियां, पौधे बड़े ही चाव से खाते हैं। इंसानों द्वारा पाले गए हाथी इंसानों द्वारा दिए गए भोजन का सेवन करते हैं।

इंसानों ने जैसे-जैसे पेड़ों को काटना शुरू किया है इस वजह से हाथियों के भोजन में कमी देखने को मिली है, हाथी अपने भोजन की पूर्ति के लिए गांव में दिखाई देते हैं। समझदार जानवरों में से एक जानवर हाथी है जो अपनी सूझबूझ और समझदारी से अपने सभी फैसले लेते हैं। हाथी झुंड में रहना पसंद करते हैं इस वजह से यह जंगल में अपनी सीमाएं तय करते हैं।

हाथी एक बुद्धिमान पशु है।

अपनी बुद्धिमत्ता और समझदारी की वजह से हाथी को पशुओं में समझदार पशु की श्रेणी में रखा गया है, हाथी सभी कार्य को आसानी से कर सकता है और साथ ही तेजी से किसी भी कार्य को सीख सकता है। इसी वजह से सर्कस में हाथियों का इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि हाथियों को प्रशिक्षित करना आसान होता है।

बुद्धिमत्ता के कारण ही व्यक्ति हाथियों को पालता है, हाथी की मदद से भारी से भारी समान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती, हालांकि हाथी एक गुस्सैल जानवर है जो मनुष्य के लिए खतरा भी हो सकता है। गुस्से में हाथी कई चीजों को तहस-नहस कर सकता है साथ ही अगर इंसान हाथी के रास्ते में आ जाए तो उसकी जान भी ले सकता है।

जब तक हाथी जीवित रहता है तब तक व्यक्तियों के कार्य आता है मगर हाथी की जब मृत्यु हो जाती है तो उसके बाद भी वह किसी ना किसी तरह से लोगों के काम जरूर आता है, मृत्यु के बाद हाथी की त्वचा कई तरह के काम के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं और इनकी हड्डियों और दातों से महंगी महंगी कलाकृतियां बनाई जाती है, जेवर बनाए जाते हैं।

हाथी का इस्तेमाल युद्ध में किया जाता है।

आज से सैकड़ों साल पहले राजा महाराजा द्वारा हाथी का इस्तेमाल किया जाता था, युद्ध में तथा शिकार में हाथी का इस्तेमाल मुख्य रूप से किया जाता था, ऐसा इसलिए क्योंकि हाथी एक ताकतवर और विशाल जानवर साथ ही हाथी बुद्धिमान भी है। इसी वजह से हाथी को नियंत्रण कर पाना आसान होता है, आज के समय भी हाथी का इस्तेमाल व्यक्ति अपने लाभ के लिए करता है।

सैकड़ों साल पहले जब युद्ध होता था तब राजा अपनी सेना में हाथियों को रखता था, हाथियों की वजह से युद्ध को जीतने में आसानी होती थी, हाथी पर बैठकर अपने दुश्मन को आसानी से मार गिराने में सफलता मिलती थी। इतिहास का कोई भी राजा जो सफल राजा बना है वह सभी अपने राज्य में हाथियों को मुख्य स्थान देते थे।

हाथी का उपयोग

जब तक हाथी जीवित रहता है तब तक हुआ व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, मगर सब हाथी की मृत्यु हो जाती है तो उसके बाद भी वह व्यक्ति के लिए कई तरह से काम आता है। एक स्थान से दूसरे स्थान पर किसी भी भारी वस्तु को ले जाने के लिए हाथी का इस्तेमाल किया जाता है, सर्कस में तमाशा दिखाने के लिए लोगों को मनोरंजन करने के लिए हाथी का इस्तेमाल इंसानों द्वारा किया जाता है।

साथ ही जंगलों में हाथी का इस्तेमाल शिकार के लिए किया जाता है, राजा महाराजाओं के जमाने में हाथी का इस्तेमाल युद्ध को जीतने के लिए किया जाता था। जब तक हाथी जीवित रहता है तब तक वह किसी ना किसी तरह से व्यक्ति को लाभ पहुंचाता है मगर जब उसकी मृत्यु होती है तो उसकी त्वचा, हड्डी और दांत लोगों के लिए उपयोगी होते हैं।

हाथी को पालना किसी भी व्यक्ति के लिए संभव नहीं होता, हाथी को पालने के लिए व्यक्ति को आर्थिक रूप से मजबूत होना पड़ता है, हाथी को अगर अच्छी तरह से रखा जाए तो यह एक 100 वर्ष से लेकर 120 वर्ष तक जीवित रह सकता है।

हाथी का स्वभाव

हाथी शांत स्वभाव का जीव होता है, मगर इसे कोई परेशान या चिड़ाए तो यह गुस्सैल और खतरनाक हो सकता है। क्रोधित होने पर हाथी तबाही मचा सकता है और साथ ही व्यक्ति के प्राण भी ले सकता है। अपनी वफादारी के लिए हाथी मशहूर है, अपने मालिक की हर समस्याओं को आसानी से हाथी समझ लेता है। अपने मालिक की आज्ञा का पालन करना और उसकी हिफाजत करने के लिए हाथी कुछ भी कर सकता है।

हाथियों की आयु

जंगल में रहने वाले हाथी आमतौर पर 100 साल से अधिक जीते हैं, जंगल में पाए जाने वाली हरी पत्तियां, पेड़ों की टहनियां, खा कर अपना जीवन व्यतीत करते हैं। मगर वही इंसानों द्वारा पाले जाने वाले हाथी 100 वर्ष लेकर 120 वर्ष तक जीते हैं, राजा महाराजाओं के समय में हाथी 130 वर्ष तक भी जीते थे। हाथी की आयु मूल रूप में उसकी देखभाल पर निर्भर करती है, जो हाथी जिस तरह के वातावरण में रहता है उसकी आयु उसी पर निर्भर करती है।

Conclusion

शाकाहारी जानवरों में से एक जानवर हाथी है, जो अपने बुद्धिमत्ता और ताकत के लिए जाना जाता है, आज के समय हाथियों का शिकार है उनके दांतो के लिए किया जाता है, जोकि बेहद गलत बात है। हाथियों को भी स्वतंत्र रूप से अपना जीवन जीने की छूट मिलनी चाहिए, इंसानों पर जानवरों के शिकार पर रोक लगानी चाहिए। हाथी की सुरक्षा प्रत्येक व्यक्ति की अपनी जिम्मेदारी है।

पूरे ही विश्व में हाथी की संख्या दिन-प्रतिदिन कम होते जा रही है इस वजह से यह बहुत ही चिंता की बात है, प्रत्येक व्यक्ति को समझने की जरूरत है कि पर्यावरण में रहने वाले सभी जीव एक दूसरे पर निर्भर करते हैं और अगर किसी एक जीवन का भी अंत होता है तो इसका प्रभाव प्रत्येक जीवन पर पड़ता है। इसी वजह से हाथियों तथा अन्य पशुओं की सुरक्षा करना प्रत्येक व्यक्ति का धर्म है।

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