Bank Essay in Hindi

Bank Essay in Hindi – बैंक को वित्तीय स्थान कहा जाता है, जहान मौद्रिक लेनदेन किया जाता है, हमारे देश में कई सारे बैंक पाए जाते हैं जहां व्यक्ति अपने पैसे को जमा करने के लिए या फिर पैसे लेने के लिए जाते हैं। भारत के हर कस्बे, जिले, शहर में हर जगह बैंक देखने को मिलता है। कुछ सदियों पहले साहूकार, मुंशी के द्वारा पैसे लिए जाते थे, मगर अब उनकी जगह बैंक ने ले ली है। जो कम दर और बयाज पर व्यक्ति को कर दिलाने का काम करती है।

सैकड़ों सालों से बैंक प्रणाली हमारे समाज में चली आ रही है, और इसके साथ व्यक्तियों को दी जाने वाली स्वभाव में परिवर्तन भी देखने को मिलता है। समय-समय पर इसमें कई सारे बदलाव किए गए हैं, जिसकी वजह से ग्राहक को अच्छी से अच्छी सुविधा प्रदान की जा सकती है।

हम बैंक को एक ऐसा स्थान कह सकते हैं जहां जनता का धन जमा किया जाता है, और कई तरह की सुविधाएं प्रदान की जाती है, किसी भी देश के वित्तीय को स्थिर बनाए रखने के लिए बैंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बैंक समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा आज के समय बन चुका है।

यहां जनता को उधार मिलता है, उनका धन सुरक्षित जमा किया जाता है, और तरह-तरह के सुविधाएं प्रदान की जाती है।

Bank Essay in Hindi

बैंक का इतिहास

दिन की शुरुआत 14 वी सदी में इटली के कुछ हिस्सों में हुई थी, सैकड़ों सालों के बाद की एक ऐसी स्थिति बनाई गई थी जहां लोगों के बीच उधार देने और लेने की अवधारणा शुरू हो गई, पहले के समय व्यापारी और किसान राजाओं तथा साहूकारों से उधार लिया करते थे, मगर बैंक के आ जाने के बाद वही उधार बैंक से लिए जाने लगा।

जैसे जैसे समय बीतता गया वैसे वैसे यह प्रथा लोगों में प्रचलित हो गई, और इसे लोगों के द्वारा अपना लिया गया, बीरेनबर्ग्स, मेडिसिस, फागर्स, राज्य वंश ने बैंकिंग इतिहास के लिए मुख्य भूमिका निभाया और विश्व भर में जाने गए। 17 वी सदी में उन्होंने रिजर्व बैंकिंग प्रथा को जारी किए, रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड और बैंक ऑफ इंग्लैंड दुनिया के पुराने बैंकों में से एक है।

भारत में बैंक का इतिहास

भारत में बैंकिंग प्रणाली वैदिक काल समय से ही देखा जाता है, उस समय जरूरतमंदों को ऋण दिया जाता था, जिससे ऋणलेख या ऋणपत्र कहा जाता था।

सैकड़ों साल पहले बड़े व्यापारी और जमींदार किसानों और व्यापारियों को ब्याज पर पैसे देते थे, वह पैसे और ब्याज ना लौटाने पर उनकी खेती को हड़प लेते थे, यह संस्कृति गांव में अधिकतम प्रचलित थी, आज के समय वही पर था बैंक ने अपना ली है, बैंक लोगों को कैसे देता है और पैसे ना लौटाने पर उनकी संपत्ति को जप्त कर लेता है।

1770 में कोलकाता में खोला गया बैंक ऑफ हिंदुस्तान, भारत का सबसे पुराना बैंक कहा जाता है। इसके बाद 19वीं सदी में कई सारे बैंक देखे गए जैसे बैंक ऑफ बंबई, बैंक ऑफ कोलकाता, बैंक ऑफ़ मद्रास है।

बैंक का महत्व

बैंक का महत्व व्यक्ति तथा देश दोनों के लिए हैं, यही कारण है कि बैंक व्यवस्था पूरे विश्व में इतना प्रसिद्ध है। बैंक का महत्व किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को बनाए रखने के लिए आवश्यक है, साथ ही लोगों के सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी है।

सुरक्षा तथा भय से मुक्ति

जब व्यक्ति धन को अपने घर में रखता है तो उसे चोरी हो जाने का डर रहता है, मगर वही जब व्यक्ति पैसे बैंक में रखता है तो उसकी पैसे की सुरक्षा करना बैंक की जिम्मेदारी होती है। इस वजह से व्यक्ति सुरक्षित महसूस करता है और पैसे के लिए भयभीत नहीं होता।

बचत की आदत

बचत की आदत व्यक्तियों में बढ़ाने के लिए बैंक तरह-तरह की योजनाएं व्यक्तियों के सामने पेश करता है, साथ ही जब बैंक में धन जमा रहता है तो उसका ब्याज भी व्यक्ति को मिलता है, और व्यक्ति जब चाहे तब बैंक से अपने धन को निकाल सकता है। इन्हीं सभी कारणों की वजह से व्यक्ति को बजट की आदत हो जाती है।

व्यापार और वाणिज्य में बड़ोती

जब भी किसी व्यक्ति को अपने व्यापार के लिए धन की आवश्यकता पड़ती है तो बैंक उसे धन उपलब्ध कराती हैं, जिसकी मदद से व्यक्ति अपने व्यापार को बढ़ा सकता है। साथी अलग-अलग देशों के साथ हैं व्यापार प्रक्रिया को आसान करती है, व्यापार प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए व्यक्ति को कई सारे सरल तरीके प्रदान करती है। किसी भी अकाउंट में पैसे भेजने तथा किसी भी अकाउंट से पैसे प्राप्त करने में मदद करती है।

कृषि में बढ़ोतरी होती है

अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा कृषि को कहा जाता है, कम ब्याज दर पर बैंक के किसानों को पैसे उपलब्ध कराती है, जिसकी वजह से किसान कृषि के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करता है और अच्छे फसल उगाता है।

उद्योग के कार्यों में उन्नति

बैंक व्यक्तियों को ऋण प्रदान करने में सहायता करती है जिसकी मदद से व्यक्ति अपने उद्योग कार्यों को बढ़ा सकता है। इसीलिए बैंक को कहा जाता है कि वह व्यक्तियों की सहायता अक्सर करता है। कम ब्याज दर पर व्यक्तियों को ऋण देता है ताकि वह अपने उद्योग कार्य में अच्छा प्रदर्शन कर सकें और पैसे लौटाने के लिए भी बैंक काफी समय व्यक्ति को देता है।

रोजगार का अवसर

जैसे-जैसे उद्योग कार्यों में उन्नति होती है और कृषि का कार्य प्रबल होता है जाने से ज्यादा व्यक्ति इनके साथ जोड़ने की कोशिश करते हैं, किसी ना किसी प्रकार से हैं इन सभी के पीछे बैंक ही होता है, बैंक व्यक्तियों को रोजगार पाने में सहायता करती है, बैंक बच्चों की शिक्षा के लिए धन उपलब्ध कराती है। और जब व्यक्ति पढ़ लिख कर कामयाब हो जाता है तब वह देश के काम आता है।

Bank Essay in Hindi – बैंक के कार्य

आसान भाषा में समझे तो बैंक के दो मुख्य कार्य हैं, प्राथमिक कार्य और द्वितीय कार्य।

प्राथमिक कार्य

इसमें बैंक व्यक्ति को ऋण प्रदान करता है साथ ही धर्म को स्वीकार भी करता है।

धन स्वीकार करना

बैंक मुख्य चार प्रकार से धन को स्वीकार करता है।

बचत खाता – इस तरह के खाते से जनता के पैसे बचाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, इन खाता के माध्यम से व्यक्ति आसानी से अपने पैसे को बैंक में जमा कर सकता है और साथ ही आसानी से निकाल भी सकता है। ऐसे खाते में ब्याज दर काफी कम व्यक्ति को मिलता है।

वर्तमान खाता – यह खाता मुख्य रूप से व्यवसाय करने वाले लोगों के लिए है, इसमें व्यक्ति को ओवरड्राफ्ट जैसी सुविधा मिलती है, जो व्यवसाय कर रहे व्यक्तियों के लिए फायदेमंद है। पैसे खाते में व्यक्ति को ब्याज नहीं किया जाता।

मियादी खाते – ऐसे खाते में एक निश्चित धनराशि एक निश्चित अवधि के लिए जमा किया जाता है, ऐसे खाते में ब्याज दर अधिक होता है।

आवर्ती खाता – निश्चित धनराशि नियमित अंतराल पर जमा किया जाता है, जिसमें ब्याज दर अधिक होता है, मगर इसमें अवधि से पहले जमा किए हुए राशि वापस नहीं ली जा सकती।

ऋण प्रदान करना

इस प्रणाली में बैंक व्यक्ति को उधार प्रदान करता है।

ऋण – इसमें व्यक्ति को छोटे समय तथा बड़े समय के लिए ऋण प्रदान किया जाता है, दिए गए धन पर अलग-अलग प्रकार के ब्याज दर लगाए जाते हैं, जिसे किस्तों में चुकाया जाता है।

नकद क्रेडिट – इसमें ग्राहक को एक सीमित राशि तक ही नगद लेने की सुविधा प्रदान की जाती है जो पैसे की सीमा को तय करता है। इसके लिए व्यक्ति को अलग से एक कैश क्रेडिट खाता बनाए रखना होता है।

ओवरड्राफ्ट – यह व्यापारियों के लिए होता है, इस तरह का खाता वर्तमान खाताधारकों को दिया जाता है, और ट्रक की सुविधा पाने के लिए व्यक्ति को अलग-अलग तरह के खाते खोलने की जरूरत नहीं होती।

द्वितीय कार्य

इसे गैर बैंकिंग के रूप में भी जाना जाता है, मुख्य रूप से या दो प्रकार के होते हैं।

एजेंसी के कार्य

देखा जाता है कि बैंक अपने ग्राहकों के लिए एजेंट के रूप में भी कार्य करते हैं, और एजेंसी के कार्य को अंजाम देते हैं। इसमें आवधिक भुगतान, चेक, पोर्टफोलियो प्रबंधन, आवधिक संग्रह, और धन के हस्तांतरण शामिल है। इसके अलावा बैंक अपने ग्राहकों के लिए प्रशासक, सलाहकार और न्यासी के रूप में भी काम करता है।

सम्मान उपयोगिता कार्य

इन सभी के अलावा बैंक सम्मान उपयोगिता कार्य का काम भी करते हैं जिसमें ग्राहकों को लोकसुविधा, विदेशी मुद्रा, शेयरों का हिसाब किताब, ड्राफ्ट जारी, जैसे काम को करते हैं।

बैंक के प्रकार

बैंक के कई प्रकार होते हैं, और उनके कार्य भी अलग-अलग होते हैं। सभी बैंक के कार्य प्रणाली के बारे में नीचे सूची बंद के माध्यम से दिया गया है।

नेशनल बैंक

इसे केंद्रीय बैंक या संघीय बैंक के नाम से भी पुकारा जाता है, यह मुख्य रूप से सरकार के वित्त प्रणाली से संबंधित होता है और सरकार के वित्त का प्रबंध करता है। यह दूसरे बैंकों में बैंकरों के रूप में भी सेवा प्रदान करता है। हर देश का एक नेशनल बैंक होता है, जिनका कार्य विदेशी मुद्रा की निगरानी करना होता है, मुद्रा को नियंत्रित करना होता है, और साथ ही मुद्रा जारी करना होता है। यह सीधे सामान्य जनता के साथ किसी भी प्रकार का कोई सौदा नहीं करते।

रिटेल बैंक

यह सब से सामान्य प्रकार का बैंक है, आम तौर पर इसे सामान्य जनता की जरूरतों को ध्यान में रखकर स्थापित किया जाता है, इस तरह के बैंक बचत खाता खोलने के लिए, ऋण प्रदान करने के लिए, क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने के लिए, और अन्य तरह के सुविधाओं को प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं।

सेविंग बैंक

इस तरह के दिन को स्थापित इसलिए किया जाता है ताकि लोगों में पैसे बचाने की आदत को स्थापित किया जा सके, इसके अलावा यह है बैंक के ग्राहकों को जमा राशि स्वीकार करने के साथ-साथ कई अन्य तरह के सुविधाएं भी प्रदान करती है।

व्यवसायिक बैंक

इस तरह के बैंक का उद्देश्य होता है कि व्यवसाय वर्ग के लोगों की सहायता की जा सके, यह व्यापारियों को ऋण प्रदान करते हैं और साथ ही कई तरह के सेवाएं भी उपलब्ध करवाते हैं।

भूमि बंधक बैंक

इस तरह के बैंक को कृषि बैंक कहते हैं, साथ ही भूमि विकास बैंक के रूप में भी प्रसिद्ध है। इस तरह के बैंक से कृषि के क्षेत्र में सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्थापित किया गया है।

सहकारी बैंक

यह छोटे किसानों, छोटे व्यवसायियों, और वेतन भोगी लोगों को ऋण प्रदान करने के लिए मशहूर है। इसके साथ ही यह कई सारे सुविधा भी प्रदान करते हैं।

उपभोक्ता बैंक

इस तरह के बैंक के उपभोक्ताओं को वस्तु खरीदने के लिए ऋण प्रदान करते हैं, वस्तु जैसे कार, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर आदि। साथ ही आसानी से ऋण चुकाने के लाभ भी प्रदान करते हैं।

औद्योगिक बैंक

इस तरह के बैंक को विकास बैंक के नाम से प्रसिद्ध है। इस तरह के बैंक औद्योगिक क्षेत्र में सहायता प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है, यह बैंक शेयर और डिबेंचर जारी करके नकद धन की सुविधा प्रदान करते हैं। उद्योगी कार्यों को विकसित करने के लिए यह बैंक मुख्य भूमिका निभाता है।

विनिमय बैंक

यह बैंक मुख्य रूप से विदेशी व्यापार के लिए इस्तेमाल किया जाता है, विदेशी बिलों को, सोने तथा चांदी की खरीद व बिक्री, निर्यात और आयात, के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

Conclusion

बैंक की कृषि सुविधा है जिसके माध्यम से व्यक्तियों को कई तरह के लाभ पहुंचते हैं, बैंक के माध्यम से लोगों के पैसे सुरक्षित रहते हैं, पूर्व व्यक्ति जब चाहे तब कहीं से भी अपने पैसे को बैंक से निकाल सकता है। बैंक अपने ग्राहकों के लिए कई तरह के योजनाएं बनाती है ताकि उनकी ज्यादा से ज्यादा सहायता कर सकें।

बैंक व्यक्तियों के सारे कार्य को आसान बनाता है, और साथ ही देश के अर्थव्यवस्था में योगदान देता है। इसी वजह से आज के समय में प्रत्येक राज्य में, प्रत्येक क्षेत्र में, प्रत्येक कस्बा में बैंक पाया जाता है।

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